दैनिक आचरण भोपाल
समाचार
कोलारस में स्कूलों की मान्यता पर उठे सवाल!
आठवीं तक मान्यता, फिर भी हाईस्कूल–हायर सेकेंडरी कक्षाएं? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
कोलारस। विधानसभा क्षेत्र में संचालित कुछ निजी स्कूलों को लेकर स्कूल की मान्यता और संचालित कक्षाओं के बीच अंतर होने के आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ संस्थानों के पास कक्षा 8वीं तक की मान्यता होने के बावजूद आगे की हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
यदि ऐसा है तो सवाल यह है कि संबंधित विभाग द्वारा स्कूलों की मान्यता, कक्षा-संचालन, यू-डायस रिकॉर्ड और विद्यार्थियों के प्रवेश की नियमित जांच क्यों नहीं की जा रही? मध्यप्रदेश में हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी की मान्यता के लिए अलग-अलग नियम और मान्यता-विस्तार की प्रक्रिया निर्धारित है। �
Manyta +1
शिवपुरी जिले में पूर्व में भी स्कूलों की मान्यता संबंधी जानकारी को लेकर विभागीय स्तर पर सवाल उठ चुके हैं। वर्ष 2025 में बाल आयोग की बैठक में अधिकारियों से जिले के मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची मांगी गई थी और संबंधित जानकारी उपलब्ध न होने पर नाराजगी जताई गई थी। �
❓ बड़े सवाल
क्या संबंधित स्कूलों के पास 9वीं से 12वीं तक की वैध मान्यता है?
यदि नहीं, तो इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को प्रवेश किस आधार पर दिया जा रहा है?
विद्यार्थियों की परीक्षा, रिकॉर्ड और प्रमाण-पत्र की जिम्मेदारी किसकी होगी?
शिक्षा विभाग ने अब तक कितने स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया?
क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी?
यह आरोपों की जांच का विषय है। शिक्षा विभाग को प्रत्येक संबंधित स्कूल की मान्यता और संचालित कक्षाओं का रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों के भविष्य से कोई खिलवाड़ न हो।
🔴 बैनर हेडलाइन
🚨 कोलारस में शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल! 🚨
8वीं तक मान्यता, फिर हाईस्कूल–हायर सेकेंडरी कैसे?
मान्यता के खेल पर कब जागेगा प्रशासन?
विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ तो नहीं?
**जांच की मांग — जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई!**