दैनिक आचरण भोपाल
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अतिशय क्षेत्र 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भक्ति का उमड़ा सैलाब, ।
श्रीजी की शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग।
पुरानी शिवपुरी। अतिशय क्षेत्र 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर,
पुरानी शिवपुरी में धार्मिक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
भगवान श्री 1008 पारसनाथ की प्रतिमा की शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई।
शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए और जगह-जगह भगवान श्रीजी का भव्य स्वागत किया गया।
शोभायात्रा जिस मार्ग से निकली, वहां श्रद्धालुओं ने आरती रंगोली बनाकर भगवान पारसनाथ का स्वागत किया।
महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
धार्मिक जयघोष और भक्ति भाव से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए स्वागत एवं अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं।
शोभायात्रा के दौरान भगवान पारसनाथ की प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान पारसनाथ की प्रतिमा के प्रति समाज में गहरी आस्था है।
श्रद्धालु इसे अत्यंत प्रभावशाली एवं अतिशयकारी मानते हैं और उनका विश्वास है कि श्रद्धा एवं भक्ति के साथ भगवान के दर्शन करने से मन को शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
छोटे नन्हे मुन्ने बच्चों ने जय घोष के साथ पारसनाथ बाबा की शोभा यात्रा में शामिल होकर शोभा यात्रा में जोश भर दिया ।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और प्रवचन भी आयोजित किए गए।
मंच पर विराजमान संतों एवं धार्मिक विद्वानों ने भगवान महावीर और भगवान पारसनाथ के सिद्धांतों, अहिंसा, संयम, सत्य और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और भगवान श्रीजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
शोभायात्रा में उमड़ी भीड़ ने यह भी दर्शाया कि
पुरानी शिवपुरी में जैन समाज की धार्मिक गतिविधियों के प्रति लोगों में गहरी आस्था और उत्साह है।
आयोजन के दौरान समाज के वरिष्ठजनों के साथ बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल रहीं।
अतिशय क्षेत्र 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने पुरानी शिवपुरी को भक्ति और अध्यात्म के रंग में रंग दिया।
पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं ने भगवान पारसनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए ।
धर्म, संयम और अहिंसा के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
