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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
प्राचीन बाणगंगा की धरोहर पर संरक्षण की दरकार, 52 कुंडों की विरासत आज भी समेटे है इतिहास।
शिवपुरी। शिवपुरी शहर की प्राचीन धरोहरों में बाणगंगा का अपना विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व माना जाता है।
यह स्थान लंबे समय से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। मान्यता है कि
यहां पुराने समय में ठाकुर बाबा का स्थान हुआ करता था
और बाणगंगा क्षेत्र में 52 कुंडों का निर्माण किया गया था।
इन कुंडों को लेकर स्थानीय स्तर पर अनेक धार्मिक मान्यताएं और ऐतिहासिक कथाएं प्रचलित हैं।
आज भी बाणगंगा पहुंचने वाले लोगों को इस स्थान से जुड़ी पुरानी परंपराओं और धार्मिक आस्था की झलक देखने को मिलती है। बुजुर्गों के अनुसार, कभी यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता, जलस्रोतों और धार्मिक गतिविधियों के कारण विशेष पहचान रखता था। समय के साथ यहां हुए बदलावों ने इस प्राचीन विरासत का स्वरूप जरूर बदला है, लेकिन लोगों की आस्था आज भी कायम है।
बाणगंगा केवल एक स्थान नहीं, बल्कि शिवपुरी के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी पहचान है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की मांग है कि इस प्राचीन धरोहर का सर्वेक्षण कराया जाए तथा उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर इसके इतिहास को सामने लाया जाए। 52 कुंडों से जुड़ी मान्यताओं की भी पुरातत्व एवं संबंधित विभागों द्वारा जांच कर जानकारी सार्वजनिक की जाए।
शहर की इस प्राचीन धरोहर का संरक्षण, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण किया जाए तो बाणगंगा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इतिहास, आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती है।
