जिला शिवपुरी शहर में सीवर प्रोजेक्ट का शुरू हुआ सर्वे, देख रहे सीवर लाइन व चैंबरों की स्थिति

0

दैनिक आचरण भोपाल  

समाचार 


जिला शिवपुरी शहर में सीवर प्रोजेक्ट का शुरू हुआ सर्वे, देख रहे सीवर लाइन व चैंबरों की स्थिति

मृतप्रायः प्रोजेक्ट को फिर से जीवित करने की कवायद, नगर परिषदों के इंजीनियर भी शामिल

शिवपुरी। शहर को खोखला करने के बाद भी मृतप्राय हो चुके सीवर प्रोजेक्ट को फिर से जीवित करने की कवायद शुरू हो गई। नगरपालिका शिवपुरी ने अपने कर्मचारियों के अलावा दूसरी नगर परिषदों के इंजीनियरों की मदद से शहर में सीवर लाइन एवं चैंबरों का परीक्षण शुरू कर दिया। सूत्रों का कहना है कि करोड़ों खर्च करने के बाद आमजन को इसका लाभ भले ही नहीं मिल पाया, लेकिन जिम्मेदार इसके लिए शासन से और भी राशि लाने की कवायद में जुटे हुए हैं। 

गौरतलब है कि झील संरक्षण परियोजना के तहत शिवपुरी में सीवर प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ, तथा अभी तक उसमें 110 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि भी खर्च की जा चुकी है। सीवर प्रोजेक्ट का यह मामला जब हाईकोर्ट में पहुंचा, तो न्यायालय ने भी इसे फेल मानते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल जवाब किए हैं। उसके बाद दो बार ईएनसी ने शिवपुरी का दौरा किया, तथा सीवर प्रोजेक्ट में अभी तक हुए काम का भौतिक सत्यापन शुरू किया गया। बरसों से बंद पड़े सीवर चैंबरों की जब सफाई शुरू हुई तो किसी में रेत निकल रही है तो किसी में ईंटे व अन्य मटेरियल निकाला जा रहा है। 

नपा ने शुरू किया प्रोजेक्ट का सर्वे: 

शिवपुरी में सीवर प्रोजेक्ट की निर्माण एजेंसी पीएचई रही, तथा अब नगरपालिका इसका सर्वे करवा रही है। इसके लिए नगरपालिका के कर्मचारियों के अलावा नगर परिषदों के इंजीनियरों को भी इस सर्वे में लगा दिया गया। सर्वे करने वाली यह टीम शहर में यह पता कर रही है कि किस एरिया में सीवर की लाइन डाली गई, तथा किसे छोड़ दिया गया?। साथ ही टीम में शामिल सफाई कर्मचारी चैंबरों को खोलकर उनकी सफाई व जांच का काम भी करेंगे। 

टेस्टिंग में सामने आएगी प्रोजेक्ट की सच्चाई: 

सीवर प्रोजेक्ट के तहत शिवपुरी शहर में डाली गई लाइन कितनी सुरक्षित है, तथा उसमें सप्लाई कितनी सफल होगी, इसका पता करने के लिए लाइन की टेस्टिंग जरूरी है। सीवर लाइन की टेस्टिंग में ही पता चलेगा कि वो कितने एरिया तक क्लीयर है। पिछले दिनों शिवपुरी दौरे पर आए ईएमसी का कहना था कि पावरफुल प्रेशर से लाइन की टेस्टिंग की जाएगी। 

शासन से अतिरिक्त राशि मंगाने की तैयारी: 

शिवपुरी शहर में जब सीवर प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था, तब इसकी लागत 54 करोड़ तथा समयावधि 2 साल की थी। 13 साल गुजरने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा है, जबकि 110 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट ने फेल मान लिया, लेकिन इसके जिम्मेदार अधिकारी अभी भी इसमें करोड़ों रुपए खर्च करके अपनी जेब भरने की जुगाड में लगे हुए हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

About Dainik Acharan News

Dainik Acharan News मध्य प्रदेश, शिवपुरी और देश-दुनिया की ताजा खबरों का हिंदी समाचार मंच है।