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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जिला टास्क फोर्स और जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक संपन्न।
शिवपुरी-विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समग्र कल्याण को प्राथमिकता देते हुए जिला टास्क फोर्स और जिला स्तरीय। निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई।
कलेक्टर अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने के साथ-साथ तनाव व दबाव जैसी समस्याओं की समय रहते पहचान कर सहा
यता उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह जिला टास्क फोर्स और जिला स्तरीय निगरानी समिति गठित की गई है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य तंत्र को प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। जिला टास्क फोर्स और जिला स्तरीय निगरानी समिति केवल औपचारिक प्रशासनिक समितियाँ न रहकर विद्यार्थियों के हित में सक्रिय रूप से कार्य करें। इसके तहत एंटी-रैगिंग समितियों को सक्रिय रखने, समान अवसर प्रकोष्ठ को प्रभावी बनाने तथा कोचिंग संस्थानों हेतु जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने महाविद्यालयों और संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक संतुलन पर नियमित कार्यशालाएं व सेमिनार आयोजित किए जाएं।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं की सेवाएं सुलभ कराई जाएं। मानसिक स्वास्थ्य सहायता हेतु टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 तथा 1-8008914416 का महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और शहर के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि विद्यार्थी 24×7 विशेषज्ञ सलाह प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को संस्थागत सहयोग दिया जाए तथा एंटी-रैगिंग व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाए ताकि छात्रों पर अनुचित दबाव को कम किया जा सके।
नोडल अधिकारी डॉ. शालिनी राय ने बताया कि महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए गठित एंटी-रैगिंग समितियाँ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विद्यार्थियों को रैगिंग से संबंधित नियमों एवं शिकायत व्यवस्था के प्रति जागरूक करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नियमित सेवाएँ उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, परामर्श एवं आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने पर बल दिया गया।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ उनका मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा, गरिमा और भावनात्मक कल्याण भी शैक्षणिक संस्थानों की समान रूप से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशासन, महाविद्यालय, शिक्षक, विशेषज्ञ, अभिभावक एवं विद्यार्थियों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
समितियों के संयोजक एवं पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी की नोडल अधिकारी डॉ. शालिनी राय ने व्यवस्थाओं संबंधी विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में दोनों ही समितियों के सदस्य, शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यगण तथा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे।
