दैनिक आचरण भोपाल
जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
गाजरघास जागरूकता अभियान- स्कूली बच्चों को बताए हानिकारक खरपतवार से बचाव के उपाय।
मनुष्यों, पशुओं और पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक है गाजरघास, उन्मूलन के लिए जन-अभियान जरूरी।
शिवपुरी, 19 अगस्त 2026/ जिले में गाजरघास के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 22 अगस्त तक देशव्यापी गाजरघास जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गतदिवस कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी के प्रमुख डॉ.पुनीत कुमार के निर्देशन में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम.के.भार्गव ने हैप्पी डेज स्कूल पहुँचकर छात्र-छात्राओं एवं स्कूल स्टाफ को इस हानिकारक खरपतवार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
हानिकारक प्रभावों और नियंत्रण की दी गई जानकारी।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम.के.भार्गव ने स्कूल के छात्र-छात्राओं और स्टाफ को इस खतरनाक खरपतवार (गाजरघास) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाजरघास इंसानों, पशुओं और पर्यावरणकृतीनों के लिए बहुत नुकसानदायक है। इसके संपर्क में आने से त्वचा और सांस संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं, साथ ही यह फसलों और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुँचाती है।
गाजरघास क्यों है खतरनाक।
गाजरघास (पार्थेनियम) एक बेहद हानिकारक खरपतवार है जो बहुत तेजी से फैलती है। यह खाली पड़ी जमीन, सड़क किनारे, खेतों और बस्तियों के आसपास उग आती है। पशुओं के इसे खाने से वे बीमार पड़ सकते हैं और दूध उत्पादन घट सकता है। खेतों में फैलने पर यह फसलों को भारी नुकसान पहुंचाती है और जमीन की उर्वरता को भी कम करती है।
गाजरघास को फैलने से कैसे रोकें।
वैज्ञानिकों ने बताया कि गाजरघास का एक पौधा हजारों बीज पैदा करता है जो हवा, पानी और जानवरों के जरिए दूर-दूर तक फैल जाते हैं। इसे रोकने के लिए फूल आने से पहले ही इसे उखाड़ देना सबसे अच्छा उपाय है। उखाड़ते समय हाथों में दस्ताने और मुंह पर कपड़ा जरूर लगाएं। गाजरघास की जगह गेंदे की फसल लगाने से इसे फैलने से रोका जा सकता है। इसके नियंत्रण के लिए मेट्रीब्यूजिन या एट्राजिन जैसी खरपतवारनाशक दवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है। कार्यक्रम में सभी बच्चों और शिक्षकों से अपने आसपास गाजरघास को नष्ट करने में सहयोग देने की अपील की गई।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को प्रेरित किया गया कि वे अपने घर, स्कूल और आसपास के इलाके में गाजरघास दिखने पर उसे तुरंत उखाड़ें और अपने परिवार एवं पड़ोसियों को भी इसके नुकसान के बारे में बताएं। इस जन अभियान का उद्देश्य आमजन को गाजरघास के खतरे के प्रति सचेत करना और इसे जड़ से खत्म करने में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
