दैनिक आचरण भोपाल
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शिवपुरी में अतिथि शिक्षकों ने निकाली रैली, पूर्व सीएम की घोषणाओं को लागू करने की मांग।
पोहरी विधायक के नेतृत्व में पहुंचे कलेक्ट्रेट, दिया सांकेतिक धरना, सौंपा ज्ञापन।
जिले के अतिथि शिक्षकों ने रविवार को पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह के नेतृत्व में शहर में रैली निकाली कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
शिवपुरी अतिथि शिक्षकों ने "अभी करो अर्जेंट करो, हमको परमानेंट करो’ के नारे लगाए।
शिवपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में विधायक के साथ अतिथि शिक्षकों ने करीब 10 मिनट तक सांकेतिक धरना भी दिया।
शिवपुरी अतिथि शिक्षक संघ जिला शिवपुरी के बैनर तले सौंपे गए ज्ञापन में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से महापंचायत की घोषणाओं को लागू करने की मांग की गई है।
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सड़क से सदन तक अतिथि शिक्षकों के साथ:विधायक
रैली व सांकेतिक धरने में शामिल हुए पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है। वे समान मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बराबर वेतन नहीं मिल रहा और वे परमानेंट नहीं हो रहे हैं। उनका भी परिवार है। विधायक ने कहा कि, 18 साल से अतिथि शिक्षक जूझ रहे हैं। कई बार पूर्व मुख्यमंत्री और यहां के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की कि हम आपके साथ हैं, परंतु वह घोषणा तक ही सीमित रह गए। पहले भी इन्होंने हमारे सामने मांग रखी तो हमने विधानसभा में मुद्दा उठाया और अभी भी सड़क से सदन तक हम इनके साथ हैं। हम अंत तक इनकी लड़ाई लड़ेंगे, चाहे वह शिवपुरी का मामला हो, भोपाल का हो या दिल्ली का।
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ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें
-2 सितंबर 2023 को आयोजित अतिथि शिक्षक महापंचायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागू किया जाए।
-गुरुजियों की तर्ज पर विशेष विभागीय परीक्षा आयोजित कर वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को स्थायी/नियमित किया जाए।
-सत्र के मध्य में अतिथि शिक्षकों को सेवा से पृथक न किया जाए और पूरे 12 माह का सेवा अनुबंध सुनिश्चित हो।
-शिक्षक चयन परीक्षा में प्रतिवर्ष के कार्य अनुभव के आधार पर बोनस अंक दिए जाएं।
-वर्ग 1, 2 और 3 के मानदेय में की गई वृद्धि का नियमानुसार समय पर और पूर्ण भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
-ट्रांसफर, प्रमोशन, शिक्षक भर्ती, पदोन्नति व अन्य कारणों से बाहर हुए अतिथि शिक्षकों को अनुभव के आधार पर रिक्त पदों पर सेवा का अवसर दिया जाए।
