दैनिक आचरण भोपाल
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करोड़ों की CM राइज स्कूल पर सवालों का पहाड़!
कहीं दीवारों में दरार, कहीं सुविधाओं का अभाव—गरीब बच्चों के खेल मैदान का अब तक इंतजार, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।
शिवपुरी। गरीब और जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जा रही CM राइज स्कूल की करोड़ों रुपये की इमारत अब निर्माण गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है।
स्कूल भवन में एक जगह नहीं बल्कि कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने की बात सामने आ रही है।
इससे भवन की मजबूती और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता पैदा हो रही है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिस भवन को बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव माना जा रहा है, उसमें निर्माण पूरा होने के बाद ही दरारें क्यों दिखाई देने लगीं? क्या निर्माण के दौरान इंजीनियरों द्वारा नियमित तकनीकी निरीक्षण किया गया था? क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच हुई? यदि जांच हुई तो कथित कमियों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
करोड़ों की लागत, लेकिन खेल मैदान का इंतजार
CM राइज स्कूल का उद्देश्य केवल कक्षाएं संचालित करना नहीं, बल्कि बच्चों को शिक्षा के साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना भी है। इसके बावजूद आज दिनांक तक बच्चों के लिए खेल मैदान उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आ रही है। सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में बच्चों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की योजना और क्रियान्वयन पर कितना ध्यान दिया गया?
ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही बरती गई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकती है।
अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि करोड़ों रुपये के निर्माण में गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई और भुगतान से पहले तकनीकी अधिकारियों ने क्या रिपोर्ट दी? माप पुस्तिका, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच, तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ तो नहीं?
दीवारों में दिखाई दे रही दरारों को लेकर सबसे महत्वपूर्ण विषय बच्चों की सुरक्षा है। यदि भवन में वास्तव में संरचनात्मक कमजोरी है तो इसे केवल निर्माण की छोटी कमी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन को विशेषज्ञों से भवन का तकनीकी और संरचनात्मक परीक्षण कराना चाहिए।
अब निगाहें प्रशासन पर हैं—क्या CM राइज स्कूल की पूरी इमारत की निष्पक्ष जांच होगी? क्या करोड़ों रुपये के निर्माण में जिम्मेदारी तय होगी? और सबसे अहम, गरीब बच्चों के लिए बनाए गए स्कूल को सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा?📐
