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डीएलएड कॉलेजों की मान्यता पर दस्तावेजों की मांग तेज, निरीक्षण रिपोर्ट नहीं मिली तो PIL की तैयारी!ओके
शिवपुरी। जिले में संचालित डीएलएड महाविद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को लेकर अब निरीक्षण रिपोर्ट और संबंधित सरकारी दस्तावेजों को सार्वजनिकनिरीक्षण। लेकर लेकर 0 कराने की मांग तेज हो गई है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल 9पालन ऽ से संबंधित प्रक्रिया में शिवपुरी जिले के डीएलएड कॉलेजों की मान्यता से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रमाणित छायाप्रतियां औमांगी गई हैं।
जानकारी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मामले को न्यायालय तक ले जाने और जनहित याचिका (PIL) दायर करने की बात कही गई है।
मांगी गई जानकारी में
शिवपुरी जिले के डीएलएड महाविद्यालयों की मान्यता संबंधी निरीक्षण रिपोर्ट एवं निरीक्षण से संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित छायाप्रति प्रमुख रूप से शामिल है।
मान्यता के लिए नियुक्त किए गए निरीक्षण दल में शामिल अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी आदेश की प्रमाणित प्रति भी मांगी गई है।
सवाल यह है
डीएलएड कॉलेजों की मान्यता के लिए निरीक्षण दल में किन-किन अधिकारियों को नियुक्त किया गया था?
उन्हें किस आदेश के तहत जिम्मेदारी दी गई थी?
निरीक्षण दल ने कॉलेजों का भौतिक सत्यापन कब किया और अपनी रिपोर्ट में भवन, कक्षाओं, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में क्या उल्लेख किया?
मामले में प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा सूचना उपलब्ध कराने के संबंध में पारित आदेश की प्रमाणित प्रति भी मांगी गई है।
दस्तावेज सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मान्यता प्रक्रिया के दौरान विभागीय स्तर पर कौन-कौन से निरीक्षण और सत्यापन किए गए थे।
डीएलएड शिक्षा से सीधे तौर पर विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
ऐसे में मान्यता देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन होना महत्वपूर्ण है।
यदि निरीक्षण रिपोर्ट में कॉलेज की वास्तविक स्थिति,
उपलब्ध सुविधाओं और मानकों के पालन का उल्लेख है तो उससे कई सवालों का जवाब मिल सकता है।
अब बड़ा सवाल
यह है कि क्या संबंधित विभाग मांगी गई जानकारी और प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराएगा?
यदि दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते या जानकारी अधूरी रहती है।
संबंधित पक्ष द्वारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने तथा PIL दायर करने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले में निगाहें निरीक्षण रिपोर्ट और नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रतियों पर टिकी हैं।
दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा ।
शिवपुरी जिले के डीएलएड महाविद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया में वास्तव में किन अधिकारियों ने निरीक्षण किया और उनके द्वारा क्या रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।