दैनिक आचरण भोपाल
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शिवपुरी: महर्षि महाविद्यालय की इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल को लेकर गंभीर सवाल, जांच की मांग।
शिवपुरी। महर्षि महाविद्यालय में D.El.Ed एवं B.Ed के विद्यार्थियों की पढ़ाई, प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सत्र 2018 से विद्यार्थियों की इंटर्नशिप कराए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि कुछ विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज परिसर में प्रैक्टिकल नहीं कराए गए, जबकि प्रैक्टिकल से संबंधित कॉपियां कथित तौर पर सिटी ऑफिस से उपलब्ध कराई गईं। यह भी दावा किया जा रहा है कि कॉपियां उपलब्ध कराते समय विद्यार्थियों के फोटो लिए गए। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था की गंभीर अनियमितता का मामला हो सकता है।
कक्षाएं संचालित हुईं या केवल कागजों में?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि D.El.Ed एवं B.Ed की नियमित कक्षाएं वास्तव में संचालित नहीं हुईं, तो विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रैक्टिकल, आंतरिक मूल्यांकन और इंटर्नशिप के रिकॉर्ड कैसे तैयार किए गए?
शिक्षक-प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में स्कूल इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधियां हैं। �
शिक्षकों और विद्यार्थियों से जानकारी जुटाने का दावा
मामले की पड़ताल के दौरान संबंधित शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं से बातचीत किए जाने की बात सामने आई है।
यदि विद्यार्थियों के बयान और दस्तावेज एक-दूसरे से मेल नहीं खाते हैं, तो पूरे मामले की स्वतंत्र जांच आवश्यक हो जाती है।
प्रशासन से सीधे सवाल
2018 से अब तक कितने विद्यार्थियों की इंटर्नशिप कराई गई?
इंटर्नशिप किन-किन स्कूलों में हुई और उसके रिकॉर्ड कहां हैं?
प्रैक्टिकल किस स्थान पर आयोजित हुए?
विद्यार्थियों की उपस्थिति और प्रैक्टिकल रिकॉर्ड किस अधिकारी ने सत्यापित किए?
सिटी ऑफिस से कथित रूप से कॉपियां उपलब्ध कराने का मामला क्या है?
कॉलेज की नियमित कक्षाओं का रिकॉर्ड और सीसीटीवी/उपस्थिति रजिस्टर क्या बताते हैं?
यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संस्था पर क्या कार्रवाई होगी?
मामला अब केवल कॉलेज का नहीं,
छात्र-छात्राओं के भविष्य और शिक्षक-प्रशिक्षण की विश्वसनीयता का सवाल बन गया है।
प्रशासन को आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रिकॉर्ड सार्वजनिक करने चाहिए।
यदि जांच में अनियमितता या फर्जी रिकॉर्ड सामने आते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
