दैनिक आचरण भोपाल
समाचार
प्रशासन की चुप्पी के बाद NGT का शिकंजा!
नरवर की पुरानी अनाज मंडी में कथित अवैध मिलों पर नोटिस,
जांच कमेटी गठित—सरकारी जमीन और प्रदूषण के आरोपों पर बढ़ी कार्रवाई की हलचल।
नरवर/शिवपुरी। नरवर की पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र में संचालित बताई जा रही
अनाज प्रसंस्करण मिलों को लेकर मामला अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तक पहुंच गया है।
मूल आवेदन क्रमांक 200/2026 (CZ) में आवेदक देवेंद्र चौरसिया की ओर से उठाए गए मुद्दों में सरकारी भूमि पर मिल संचालन,
पर्यावरणीय अनुमति और वायु प्रदूषण से जुड़े गंभीर आरोप शामिल बताए गए हैं।
आवेदन में M/s Maheshwari Traders, M/s Pallav Traders, M/s Shyama Traders, M/s Madanlal Nandkishore और M/s Pramod Bhargav के संचालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
आवेदन के अनुसार इन इकाइयों का संबंध क्रमशः सुनील कुमार माहेश्वरी, कृष्ण कुमार माहेश्वरी, हरिवल्लभ माहेश्वरी, संदीप बिसानी और प्रमोद भार्गव से बताया गया है।
आरोप है कि संबंधित इकाइयां सर्वे नंबर 1728, 1731 और 1795 से जुड़ी सरकारी भूमि पर बिना वैध आवंटन, पट्टे अथवा अनुमति के संचालित हैं।
साथ ही, आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि आवश्यक Consent to Establish/Consent to Operate तथा धूल नियंत्रण के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मिलों से निकलने वाली धूल, भूसी और सूक्ष्म कणों के कारण आसपास के वातावरण और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ने की आशंका भी आवेदन में जताई गई है।
पास में स्कूल होने का उल्लेख करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।
प्रशासन की चुप्पी के बाद NGT का शिकंजा
नरवर की पुरानी अनाज मंडी में कथित अवैध मिलों पर नोटि
जांच कमेटी गठित—सरकारी जमीन और प्रदूषण के आरोपों पर बढ़ी कार्रवाई की हलच
नरवर/शिवपुरी। नरवर की पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र में संचालित बताई जा रही
अनाज प्रसंस्करण मिलों को लेकर मामला अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तक पहुंच गया
मूल आवेदन क्रमांक 200/2026 (CZ) में आवेदक देवेंद्र चौरसिया की ओर से उठाए गए मुद्दों में सरकारी भूमि पर मिल संचालन,
पर्यावरणीय अनुमति और वायु प्रदूषण से जुड़े गंभीर आरोप शामिल बताए गए हैं
आवेदन में M/s Maheshwari Traders, M/s Pallav Traders, M/s Shyama Traders, M/s Madanlal Nandkishore और M/s Pramod Bhargav के संचालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं
आवेदन के अनुसार इन इकाइयों का संबंध क्रमशः सुनील कुमार माहेश्वरी, कृष्ण कुमार माहेश्वरी, हरिवल्लभ माहेश्वरी, संदीप बिसानी और प्रमोद भार्गव से बताया गया है
आरोप है कि संबंधित इकाइयां सर्वे नंबर 1728, 1731 और 1795 से जुड़ी सरकारी भूमि पर बिना वैध आवंटन, पट्टे अथवा अनुमति के संचालित हैं
साथ ही, आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि आवश्यक Consent to Establish/Consent to Operate तथा धूल नियंत्रण के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है
मिलों से निकलने वाली धूल, भूसी और सूक्ष्म कणों के कारण आसपास के वातावरण और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ने की आशंका भी आवेदन में जताई गई है
पास में स्कूल होने का उल्लेख करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई
मामले में NGT के समक्ष संबंधित अधिकारियों की भूमिका और पर्यावरणीय नियमों के पालन की जांच का मुद्दा उठाया गया है
अब प्रशासनिक और प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित मिलों के पास भूमि
संचालन और पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े वैध दस्तावेज हैं या नहीं
अब बड़ा सवाल यही है
यदि सरकारी जमीन और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के आरोप सही पाए जाते हैं
तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी और मिलों के संचालन को लेकर प्रशासन अगला कदम क्या उठाएगा?, —।, । है।। ।। ।। । है। ल।स, ! में NGT के समक्ष संबंधित अधिकारियों की भूमिका और पर्यावरणीय नियमों के पालन की जांच का मुद्दा उठाया गया है।
अब प्रशासनिक और प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित मिलों के पास भूमि,
संचालन और पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े वैध दस्तावेज हैं या नहीं।
अब बड़ा सवाल यही है—
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यदि सरकारी जमीन और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के आरोप सही पाए जाते हैं,
तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी और मिलों के संचालन को लेकर प्रशासन अगला कदम क्या उठाएगा?

