दैनिक आचरण भोपाल
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उप संचालक कृषि ने पोहरी में की विभागीय योजनाओं की समीक्षा; रबी सीजन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
शिवपुरी, 07 अक्टूबर 2026/ उप संचालक कृषि श्री मुनेश कुमार शाक्य द्वारा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय पोहरी में कार्यालयीन रिकॉर्ड एवं साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही साप्ताहिक बैठक एजेंडा के अनुसार विभागीय योजनाओं और कृषि गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शासन की किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र किसानों तक तय समय-सीमा में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विकासखंड स्तरीय कृषि विस्तार अधिकारियों और समस्त मैदानी अमले की उपस्थिति में विभागीय योजनाओं के लक्ष्यों के विरुद्ध प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान रबी सीजन 2026-27 की पूर्व तैयारियों, कृषक पंजीयन, फसल बीमा योजना तथा प्राकृतिक खेती की दिशा में की जा रही कार्रवाइयों का बिंदुवार जायजा लिया गया।
उर्वरक एवं बीज उपलब्धता पर निगरानी और एनपीके/कॉम्प्लेक्स के उपयोग की सलाह
उप संचालक कृषि ने रबी सीजन को दृष्टिगत रखते हुए उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसान उर्वरकों का उठाव कर रहे हैं, ऐसे में डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके एवं कॉम्प्लेक्स उर्वरकों का उपयोग करने हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जाए।
मृदा उर्वरता बनाए रखने और नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश के अनुशंसित संतुलित उपयोग के लिए मैदानी अमले और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से ग्राम स्तर पर कृषक संगोष्ठियों, संदेशों एवं समाचार पत्रों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जैव उर्वरकों के प्रयोग पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए।
सीमित जल उपलब्धता को देखते हुए कम अवधि व कम पानी वाली फसलों का चयन करने की अपील।
कृषि विभाग द्वारा जिले में रबी सीजन के दौरान सिंचाई जल की सीमित उपलब्धता को देखते हुए किसानों से कम पानी व सुरक्षात्मक सिंचाई वाली फसलों का चयन करने की अपील की गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल कम अवधि में पकने वाली फसलों (जैसे चना, मसूर, सरसों और अलसी आदि) की बुवाई करें। फसलों के सही चयन और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान विभागीय मैदानी अमले एवं कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
